अतुल के ससुरालवालों से मिली धमकी को लेकर पवन मोदी दहशत में हैं। पूसारोड आवास पर बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि अतुल के ससुरालवालों ने धमकी देते हुए कहा था कि तुम्हारे परिवार को बर्बाद कर देंगे।
मेरा बेटा तो चला गया। अब मेरा पूरा परिवार उसके निशाने पर है। हम जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को इस संबंध में आवेदन देकर सुरक्षा देने का आग्रह करेंगे।
बेंगलुरु में विकास द्वारा नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इस पर कार्रवाई करते हुए आरोपितों की गिरफ्तारी शीघ्र होनी चाहिए। यदि हमें न्याय नहीं मिलता है तो हम न्यायालय के समक्ष आत्मदाह कर लेंगे।
अतुल की मां अंजू मोदी अभी तक सामान्य नहीं हो पा रही हैं। ढांढस बंधाने रिश्तेदार एवं स्थानीय लोग आ रहे हैं। उधर, अतुल के छोटे भाई विकास मोदी धार्मिक कर्मकांड करने के साथ-साथ आनेवाले लोगों से आग्रह करते हैं कि न्याय दिलाने की भाई की अंतिम इच्छा में सहयोग करें। अतुल ने मृत्यु पूर्व लिखा है कि न्याय अभी बाकी है। जस्टिस इज ड्यू।
अतुल की घटना को लेकर लोगों से हुई बातचीत
वरिष्ठ अधिवक्ता लक्ष्मेश्वर प्रसाद सिन्हा कहते हैं कि अतुल सुभाष के आत्महत्या से पूर्व इंटरनेट पर प्रसारित बयान देखने के बाद लगता है कि वह भ्रष्ट सिस्टम का शिकार हो गया। हार कर उसने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। जिस प्रकार उच्च न्यायालय ने इस कांड का संज्ञान लिया है। उससे उसको न्याय अवश्य मिलेगा। यह उम्मीद की जानी चाहिए।
‘मैं भी महिला हूं, लेकिन…’
संगीत शिक्षिका सह समाज सेविका अमृता कुमारी का कहना है कि अतुल के ससुरालवालों ने कानून का बेजा इस्तेमाल किया है। मैं भी महिला हूं, लेकिन इस घटना के संबंध में जो सूचना मिली है उससे लगता है कि ससुरालवालों ने अतुल को इतना मजबूर कर दिया जिसके कारण उसने आत्महत्या कर ली। यह पूरी व्यवस्था की पोल खोलती है। अतुल को न्याय मिलना चाहिए। जिससे आम आदमी का विश्वास व्यवस्था पर बना रहे।
‘उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए’
पुष्पेंद्र कश्यप पारस कहते हैं कि अतुल की घटना ने झकझोर दिया है। एक मेधावी युवा इंजीनियर को आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर दिया गया। यह सिस्टम फेलियोर का सटीक उदाहरण है। इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। जिससे आम लोगों में न्याय पर भरोसा बना रहे।
‘निश्चित रूप से कार्रवाई होनी चाहिए’
अवकाश प्राप्त मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नीलांबर झा बताते हैं कि इतनी बड़ी घटना से लोग हतप्रभ हो गए हैं। अतुल ने आत्महत्या कर ली, लेकिन उसने जो बात मृत्यु पूर्व अपने लिखित दस्तावेज में कहा है उसके आलोक में निश्चित रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। इसी से उसे न्याय मिल सकता है।
‘पुरुष वर्ग का एकतरफ शोषणा हो रहा’
वैनी खादी भंडार मंत्री धीरेंद्र कार्यी का कहना है कि धारा 498 के माध्यम से पुरुष वर्ग का एकतरफा शोषण हो रहा है। इस के दर्जनों उदाहरण हैं। अतुल भी इसी शोषण का शिकार हो गया। व्यवस्था को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। इस धारा का संशोधन होना चाहिए। न्याय पर भरोसा बना रहे इसके लिए आवश्यक कार्रवाई करने की जरूरत है।
