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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लोकसभा में कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए उसका सबसे प्रिय शब्द बताया। पीएम मोदी ने कहा कि ‘जुमला’ कांग्रेस वालों का सबसे प्रिय शब्द है और इसके बिना वे रह नहीं सकते।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद के निचले सदन लोकसभा में ‘संविधान के 75 वर्ष की गौरवशाली यात्रा’ पर चर्चा का जवाब दे रहे थे।

पीएम मोदी ने कहा, “हमारे कांग्रेस के साथियों को एक शब्द बहुत प्रिया है। मैं आज उस शब्द का उपयोग करना चाहता हूं। उनका सबसे प्रिय शब्द जिसके बिना वो जी नहीं सकते, वो शब्द है जुमला। कांग्रेस के हमारे साथी दिन रात जुमला बोलत हैं। लेकिन इस देश को पता है हिंदुस्तान में अगर सबसे बड़ा जुमला कोई था.. और वो चार-चार पीढ़ी ने चलाया वो जुमला था ‘गरीबी हटाओ’। गरीबी हटाओ ऐसा जुमला था कि उनकी राजनीति की रोटी तो सिकती लेकिन गरीब का हाल ठीक नहीं होता था।” इसके बाद पीएम मोदी ने अपनी सरकार की उन उपलब्धियों को गिनाया जो गरीबों के लिए बनाई गई हैं।

कांग्रेस के माथे से कभी आपातकाल का कलंक नहीं मिट सकेगा: प्रधानमंत्री मोदी

इससे पहले आपातकाल को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विपक्षी दल के माथे से यह कलंक कभी नहीं मिट सकेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने आपातकाल का उल्लेख किया और कहा, ”दुनिया में जब भी लोकतंत्र की चर्चा होगी तो कांग्रेस के माथे से कभी यह कलंक मिट नहीं सकेगा क्योंकि लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया था। भारतीय संविधान निर्माताओं की तपस्या को मिट्टी में मिलाने की कोशिश की गई थी।” मोदी ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि संविधान विविधता में एकता की भावना का संदेश देता है, लेकिन आजादी के बाद एकता के मूल भाव पर प्रहार किया गया।

उन्होंने कहा, ”मुझे बहुत दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि संविधान निर्माताओं के दिमाग में तो एकता की भावना थी, लेकिन आजादी के बाद देश की एकता के मूल भाव पर प्रहार हुआ और गुलामी की मानसिकता में पले-बढ़े लोग विविधता में एकता की जगह विरोधाभास खोजते रहे।” मोदी ने कहा, ”हमारी सरकार के निर्णयों में लगातार भारत की एकता को मजबूती देने का प्रयास किया जाता रहा है। अनुच्छेद 370 एकता में रुकावट बना हुआ था और इसलिए हमने उसे जमीन में गाड़ दिया।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का गणतांत्रिक अतीत विश्व के लिए प्रेरक रहा है और इसलिए देश को लोकतंत्र की जननी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि ”जब हम संविधान लागू होने के 75 वर्ष का उत्सव मना रहे हैं तो अच्छा संयोग है कि राष्ट्रपति पद पर एक महिला आसीन हैं जो संविधान की भावना के अनुरूप भी है।” मोदी ने कहा कि भारत बहुत जल्द विश्व की तीसरी बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में बहुत मजबूत कदम रख रहा है और 140 करोड़ देशवासियों का संकल्प उसे स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक विकसित भारत बनाने का है।

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