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पहाड़ी राज्यों में ठंड के साथ गलन तेजी से बढ़ रही है। कश्मीर में सर्दियों के सबसे सर्द मौसम कहे जाने वाले 40 दिन के ‘चिल्ले कलां’ की शुरुआत शनिवार को कड़ाके की ठंड के साथ हो गई है।

वहीं हिमाचल प्रदेश में 23 व 24 दिसंबर को वर्षा होने का पूर्वानुमान है।

मौसम विभाग के अनुसार 27 से 31 दिसंबर तक पश्चिमी विक्षेभ का असर रहेगा। इस दौरान ऊंचे क्षेत्रों में हिमपात व निचले क्षेत्रों में वर्षा हो सकती है। उत्तराखंड के ऊंचे पर्वतीय इलाकों में ठंड का असर देखा जा रहा है। मौसम शुष्क होने के बाद भी रात के समय तापमान लगातार गिर रहा है।

दिल्ली-यूपी में बारिश के आसार

दिल्ली में लगातार पारा गिर रहा है। आईएमडी के अनुसार, दिल्ली में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। जिस वजह से कड़ाके की ठंड के साथ-साथ आने वाले कुछ दिनों तक यहां घना कोहरा छाया रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में 26 दिसंबर के बाद बारिश देखने को मिल सकती है। वहीं रविवार को हल्की धुंध देखने को मिलेगी। यूपी के कई जिलों में कोहरा छाया रहेगा। इस हफ्ते यूपी में बारिश की संभावना जताई गई है।

श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शुक्रवार रात को माइनस 8.5

श्रीनगर में शुष्क चल रहे मौसम के बीच लगातार शून्य से नीचे बना न्यूनतम तापमान शुक्रवार रात को माइनस 8.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। श्रीनगर में 50 वर्ष पहले साल 1974 में न्यूनतम तापमान माइनस 10.3 डिग्री तक पहुंच गया था। ठंड के कारण झलझील के साथ तालाब, झरने और जलस्त्रोत जम गए हैं। घरों में पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हो गई है। इधर, जम्मू संभाग में भी ऊधमपुर, राजौरी और भद्रवाह में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे चल रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को अधिकतर समय बादल छाए रहेंगे। ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में देर रात से बर्फबारी शुरू होगी, जो सोमवार सुबह तक जारी रहेगी। जम्मू संभाग में ठंड को देखते हुए सभी सरकारी और निजी स्कूलों में सर्दियों की छुट्टियां 26 दिसंबर से चार जनवरी 2025 तक के लिए घोषित कर दी गईं हैं।

कड़ाके की ठंड के कारण बदरीनाथ से 200 श्रमिक लौटे

उत्तराखंड में पड़ रही कड़ाके की ठंड का असर बदरीनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्यों पर पड़ा है। हाड़ कंपाने वाली ठंड के चलते 200 श्रमिक धाम से लौट आए हैं। इससे कार्यों की गति सुस्त पड़ गई है। वर्तमान में 325 श्रमिक पुनर्निर्माण कार्य में जुटे हैं। ठंड बढ़ने पर ये श्रमिक भी लौट आएंगे। इन दिनों बदरीनाथ में न्यूनतम तापमान शून्य से 12 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा रहा है।

कड़ाके की ठंड में श्रमिक तमाम परेशानियों से जूझ रहे हैं। नलों और प्राकृतिक स्त्रोतों में पानी जम चुका है, श्रमिक बर्फ पिघलाकर पी रहे हैं। रास्तों पर पाले के कारण चलना और काम करना काफी मुश्किल हो रहा है। इसे देखते हुए धाम से 200 श्रमिक लौट आए हैं।

बदरीनाथ धाम में चल रहा काम

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता योगेश मनराल ने बताया कि महायोजना के कार्य कराने के लिए 35 से अधिक इंजीनियर धाम में मौजूद हैं। इसके अलावा निर्माण में लगी कई कंपनियों के कर्मचारी-अधिकारी भी डटे हैं। अत्याधिक ठंड के कारण सीमेंट के कार्य में परेशानी हो रही है। इससे कार्य की गति धीमी पड़ी है।

By admin

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