सीरिया में बशर अल असद की सरकार के तख्तापलट के बाद अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध विराम के लिए व्लादिमीर पुतिन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है. सीरिया असद सरकार को रूस का समर्थन प्राप्त था, सरकार गिरने के बाद रूस की मध्य पूर्व में स्थिति कमजोर हुई है.
ट्रंप के बयान से लग रहा है कि वह इसका फायदा उठा रूस पर दबाव और बढ़ाना चाहते हैं.
ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का जिक्र करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “जेलेंस्की और यूक्रेन एक समझौता करना चाहेंगे.” रविवार को दिए एक टेलीविजन इंटरव्यू में ट्रंप ने यह भी कहा कि वह यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता को कम करने और अमेरिका को नाटो से बाहर निकालने के लिए तैयार हैं. ये दो ऐसे खतरे हैं जिन्होंने यूक्रेन, नाटो सहयोगियों और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा समुदाय के कई लोगों को चिंतित कर दिया है.
यूक्रेन युद्ध विराम को लेकर ट्रंप गंभीर
NBC के ‘मीट द प्रेस’ पर दिए इंटरव्यू में ट्रंप से पूछे गया कि क्या वह लगभग 3 साल पुराने यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं? ट्रंप ने कहा, “मैं कर रहा हूं.” उन्होंने यह कहने से इनकार कर दिया कि क्या उन्होंने नवंबर में चुनाव जीतने के बाद से पुतिन से बात की है. ट्रंप ने कहा, “मैं इसके बारे में कुछ नहीं कहना चाहता, क्योंकि मैं ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहता, जिससे बातचीत में बाधा आए.”
तत्काल युद्ध विराम के लिए ट्रंप का आह्वान बाइडेन प्रशासन और यूक्रेन दोनों की ओर से लिए गए फैसलों से परे है. क्योंकि हाल ही में बाइडेन प्रशासन ने यूक्रेन की सैन्य मदद बढ़ाई है. ट्रंप के इस बयान से जाहिर हो रहा है कि वह 20 जनवरी, 2025 को अपनी गद्दी संभालने से पहले यूक्रेन युद्ध के खात्मे के लिए गहरे प्रयास कर रहे हैं.
अमेरिका का चुनाव जीतने के बाद डोनाल्ड ट्रंप फ्रांस पहुंचे हैं, जहां रविवार को उन्होंने इमैनुएल मैक्रों और वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात की, इस दौरान माना जा रहा है कि तीनों नेताओं के बीच युद्ध को लेकर चर्चा हुई है.
चीन कर सकता है मदद-ट्रंप
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “कीव एक डील करना चाहता है और पागलपन को रोकना चाहता है. तुरंत युद्ध विराम होना चाहिए और बातचीत शुरू होनी चाहिए, मैं व्लादिमीर को अच्छी तरह जानता हूं. यह कार्रवाई करने का समय है, चीन इसमें मदद कर सकता है. दुनिया इंतजार कर रही है!” ट्रंप ने इस पोस्ट से चीन द्वारा मध्यस्थता के प्रयासों का जिक्र कर रहे थे जिसे पश्चिम के कई देशों ने रूस के पक्ष में देखा है.
