न दिनों, कई लोग, चाहे आम आदमी हों या सेलिब्रिटी, अचानक मृत्यु का शिकार हो रहे हैं। कारण सामने आया है कि उनकी मृत्यु हार्ट अटैक से हुई। यह चिंता का विषय है कि जिन लोगों में पहले तक हार्ट अटैक के कोई लक्षण नहीं थे, वे भी इसका शिकार हो रहे हैं।
कम उम्र में भी कई लोग इस बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं।
इसे साइलेंट हार्ट अटैक कहा जा रहा है। आजकल हार्ट अटैक के ज्यादातर मामले साइलेंट हार्ट अटैक के हैं। हृदय रोग के बिना भी साइलेंट हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है। आइए जानते हैं कि साइलेंट हार्ट अटैक क्या है।
साइलेंट हार्ट अटैक क्या है?
साइलेंट हार्ट अटैक को मेडिकल भाषा में साइलेंट मायोकार्डियल इंफार्क्शन कहा जाता है। इसमें, हार्ट अटैक के समय छाती में दर्द नहीं होता और यह अज्ञात रहता है। हालांकि, कुछ लक्षण जरूर महसूस होते हैं।
साइलेंट हार्ट अटैक में दर्द क्यों नहीं होता?
कई बार नर्वस सिस्टम या रीढ़ की हड्डी में समस्या होती है जो दर्द का संकेत मस्तिष्क तक नहीं पहुंचा पाती, या किसी मानसिक कारण से व्यक्ति दर्द को पहचान नहीं पाता। वृद्धावस्था या डायबिटीज के मरीजों में ऑटोनोमिक न्यूरोपैथी के कारण यह समस्या होती है।
साइलेंट हार्ट अटैक के 5 लक्षण:
- गैस्ट्रिक समस्या या पेट खराब
- बिना किसी कारण थकान और कमजोरी
- थोड़ा काम करने के बाद थकावट महसूस होना
- अचानक ठंडा पसीना आना
- बार-बार सांस लेने में तकलीफ होना
साइलेंट हार्ट अटैक के कारण:
- ज्यादा तैलीय, वसायुक्त और प्रोसेस्ड फूड का सेवन
- शारीरिक गतिविधि की कमी
- अधिक शराब और सिगरेट का सेवन
- डायबिटीज और मोटापे के कारण
- तनाव और चिंता के कारणसाइलेंट हार्ट अटैक से खुद को कैसे बचाएं:
- जितना हो सके सलाद और सब्जियां खाएं।
- रोज व्यायाम, योग और चलना।
- सिगरेट और शराब से दूर रहें।
- खुश रहें और सकारात्मक मूड बनाए रखें।
- तनाव और चिंता से बचने की कोशिश करें।
- नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच कराएं।
