भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन के बाद पूरा देश ग़मगीन है। सभी अपने-अपने तरीके से उन्हें याद कर रहे हैं। AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि दी है।
ओवैसी ने उन्हें नमन करते हुए कहा कि वो पहले ऐसे प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने शिए पर पड़े समुदायों और मुस्लिम समुदाय के उत्थान के लिए काम किया। उनके निधन से देश ने अपना बेटा खो दिया है। मालूम हो कि मनमोहन सिंह ने अपने एक स्पीच में कहा था कि इस देश के संसाधनों पर पहला हक़ अल्पसंख्यंकों का है, खासकर मुस्लिमों का।
कल होगा अंतिम संस्कार
मनमोहन सिंह का पार्थिव शरीर कल यानी 28 दिसंबर को कांग्रेस मुख्यालय लाया जाएगा, जहां आम लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकेंगे। इसके बाद राजघाट के पास उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं पूर्व पीएम के निधन पर राष्ट्रपति भवन का राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया गया है। साथ ही कांग्रेस हेड क्वार्टर पर भी राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया गया है। आज प्रधानमंत्री- गृह मंत्री समेत कई नेताओं ने उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
भारत के पहले सिख पीएम
मनमोहन सिंह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। गुरुवार को अपने घर पर बेहोश हो गए, जिसके बाद उन्हें रात 8 बजे के करीब दिल्ली AIIMS लाया गया। रात 9:51 में उन्होंने आखिरी सांस ली। मनमोहन सिंह साल 2004 से 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे। वो भारत के पहले सिख प्रधानमंत्री थे।
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