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इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या मामले में फरार चल रहे चार में से तीन आरोपियों को बेंगलुरु पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अतुल की पत्नी निकिता सिंघानिया को गुरुग्राम से, सास निशा और साला अनुराग को प्रयागराज से दबोचा गया।

एक अन्य आरोपी चचेरा ससुर सुशील सिंघानिया अब भी गिरफ्त से दूर है।

निकिता को बेंगलुरु पुलिस ने शनिवार को गुरुग्राम से पकड़ा। निकिता सेक्टर-57 के एक पीजी में किराये पर रह रही थी। निकिता को मोबाइल लोकेशन के आधार पर पकड़ा है। पुलिस को पता चला कि आईटी कंपनी में वरिष्ठ एआई इंजीनियरिंग सलाहकार के पद पर कार्यरत निकिता सेक्टर-57 में काफी समय से रह रही थी।

पीजी बदलने से पहले पकड़ी गई निकिता

बेंगलुरु पुलिस ने निकिता सिंघानिया को गुरुग्राम में ठिकाना बदलने से पहले दबोच लिया। दरअसल, वह 8 दिसंबर को ही पीजी बदलना चाह रही थी। इसके लिए उसने पीजी संचालक को किराये के कुछ पैसे और पुलिस वेरिफिकेशन के लिए अपने कागजात जमा करा दिए थे। उसे 9 या 10 दिसंबर को शिफ्ट होने के लिए कहा गया था। इस बीच 9 दिसंबर को ही अतुल सुभाष ने खुदकुशी कर ली और वह दूसरे पीजी में शिफ्ट नहीं हो सकी।

40 हजार किराए वाले पीजी में रहना चाहती थी निकिता

8 दिसंबर को वह हांगकांग बाजार के समीप एक लग्जरी पीजी में पहुंची। पीजी के केयर टेकर सूरज ने बताया कि निकिता को रहने के लिए एक कमरा चाहिए था। अतुल सुभाष से आधी सैलरी (करीब 40 हजार) ले रही निकिता जिस पीजी में रहना चाहती थी उसका किराया करीब 40 हजार रुपये था। एक महीने के किराये के साथ एक महीने की सुरक्षा राशि भी जमा करवाई जाती है। निकिता ने ऑनलाइन कुछ राशि जमा करा दी थी। पुलिस वेरिफिकेशन के लिए उसने अपने दस्तावेज भी जमा करवा दिए थे। 9 दिसंबर को ही सूरज ने निकिता के कागजात को वेरीफिकेशन के लिए पुलिस के पास भेज दिया था।

पुलिस वेरिफिकेशन के लिए किया था आवेदन

कयास लगाए जा रहे हैं कि निकिता सिंघानिया की पुलिस वेरिफिकेशन का आवेदन आने के बाद गुरुग्राम पुलिस ने बेंगलुरु पुलिस को पीजी में शिफ्ट होने के बारे में सूचित किया। यह भी बताया जा रहा है कि गेस्ट हाउस में ऑनलाइन भुगतान होने के बाद बेंगलुरु पुलिस पीजी के आसपास घात लगाकर बैठी थी। पुलिस ने हांगकांग बाजार के पास से उसे धर दबोचा। पीजी के केयर टेकर सूरज ने बताया कि उनके पीजी के अंदर से निकिता को गिरफ्तार नहीं किया गया।

By admin

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