क्या रिपब्लिक डे की परेड में दिल्ली की झांकी नहीं होगी? इस मसले पर आम आदमी पार्टी और बीजेपी आमने सामने हैं. दोनों ने एक दूसरे पर बातों के बाण चलाए हैं लेकिन सच तो यह है कि दिल्ली की झांकी को परेड में शामिल न करने के पीछे कारण है जिसे बीजेपी ने साफ भी किया है.
दरअसल जो कुछ भी फैसला लिया गया है, उसके पीछे एक रोटेशन सिस्टम लागू है.
अरविंद केजरीवाल ने 2025 की गणतंत्र दिवस परेड में दिल्ली की झांकी को शामिल न करने को लेकर बीजेपी की भारी आलोचना की है. केजरीवाल ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली की झांकी पिछले कुछ वर्षों से लगातार बाहर हो रही है. दिल्ली और उसके लोगों के प्रति इतनी नफरत क्यों है? उनके इन आरोपों पर मंत्रालय की ओर से जवाब भी आ गया. बता दें कि पिछली बार दिल्ली की झांकी गणतंत्र दिवस परेड में 2021 में शामिल हुई थी.
आरोपों का जवाब देते हुए रक्षा मंत्रालय ने कहा कि झांकी के लिए किसे चुनना है किसे नहीं, यह प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी है. इसका एक रोटेशन सिस्टम है. जो हुआ है नियम के मुताबिक हुआ है. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र पर इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया.
रविवार को केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली भारत की राष्ट्रीय राजधानी है और इसकी झांकी हर साल गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होनी चाहिए. उन्होंने पूछा, दिल्ली की झांकी को इस साल फिर से क्यों बाहर रखा गया है? दिल्ली के लोगों को गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने से क्यों रोका जा रहा है? अगर इन नेताओं के मन में इतनी दुश्मनी है, तो दिल्ली के लोग उन्हें वोट क्यों दें? यह किस तरह की राजनीति है?
झांकी के लिए क्या है नियम…
मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि इसके लिए हर तीन साल में 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इसमें भाग लेने की अनुमति देने वाले रोस्टर को लागू किया जाता है. दिल्ली 2025 के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए राज्यों में से एक था लेकिन झांकी चयन समिति ने मंजूरी नहीं दी.
मंत्रालय के सूत्रों ने कहा, रोस्टर के मुताबिक कुल 15 राज्यों और यूटी का चयन किया गया है. दो राज्य तैयार नहीं थे और अन्य दो नहीं आए. साथ ही दिल्ली को समिति द्वारा मंजूरी नहीं दी गई. कुल पांच अन्य राज्यों को चुना गया.
गणतंत्र दिवस परेड 2025 में कौन से राज्य हैं शामिल हैं…
बिहार, झारखंड, चंडीगढ़, कर्नाटक, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों ने गणतंत्र दिवस 2025 के लिए जगह बनाई है.
भाजपा ने भी किया पलटवार और कहा.ने विरोध प्रदर्शन करके इसकी गरिमा को नुकसान पहुंचाया था. उन्होंने आगे कहा कि गणतंत्र दिवस परेड के लिए झांकियों का चयन करने का निर्णय एक समिति करती है जिसे केजरीवाल अच्छी तरह से..
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि जब भी कोई राष्ट्रीय त्योहार आता है केजरीवाल अपना असली रंग दिखाते हैं. दिल्लीवासी 2014 की घटना को नहीं भूले हैं जब पूरा शहर गणतंत्र दिवस मनाने की तैयारी कर रहा था लेकिन केजरीवाल जानते हैं. सचदेवा ने कहा, चूंकि दिल्ली में चुनाव नजदीक आ रहे हैं, इसलिए केजरीवाल लोगों का ध्यान असली मुद्दों से हटाना चाहते हैं.
