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मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव के दौरान सभा को संबोधित करते हुए पाकिस्तान पर हमला बोला. राजनाथ सिंह ने पहले चरण के चुनाव के दौरान मतदान के प्रतिशत को लेकर केंद्रशासित प्रदेश के लोगों की सराहना करते हुए कहा कि भारत में लोकतंत्र को फलता-फूलता देखकर पाकिस्तान के पेट में दर्द हो रहा है.बता दें कि जम्मू कश्मीर में धारा 370 निरस्त किये जाने के बाद पहली बार विधानसभा चुनाव हो रहा है. राजनाथ सिंह ने कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) पर अपने घोषणापत्रों में संविधान के अनुच्छेद 370 की बहाली की बात करने पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि ये पार्टियों लोगों को गुमराह कर रही हैं. उन्होंने इन पार्टियों को पाकिस्तान का प्रतिनिधि करार दिया.उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 61 प्रतिशत से अधिक लोगों ने मतदान में हिस्सा लिया है. लोकसभा चुनाव में रिकॉर्ड तोड़ 58 प्रतिशत मतदान का आंकड़ा पार कर गया है. इस चुनाव से दुनिया में यह संदेश गया है कि अनुच्छेद 370 को इसलिए हटाया गया है, क्योंकि इसमें भारत की भलाई है.

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पाकिस्तान के पेट में हो रहा है दर्द

 

राजनाथ सिंह ने कहा कि देश में लोगों लोकतंत्र का झंडा लहरा रहा है. इससे पाकिस्तान के पेट में दर्द हो रहा है. पाकिस्तान के साथ कोई दुश्मनी नहीं चाहते हैं. हम लोग सभी पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध के पक्षधर हैं, लेकिन पाकिस्तान अपने लोगों का ध्यान भटकाने के लिए भारत के खिलाफ नापाक हरकतें करता रहता है.

 

राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के एक कथित बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा है कि देश और कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के गठबंधन के अनुच्छेद 370 की बहाली पर एक ही पक्ष में हैं.

 

पाकिस्तानhttps://www.facebook.com/share/v/KbT3HNZnB6LJ9HUy/?mibextid=jmPrMh के कब्जे वाले पीओके के लोग परेशान

राजनाथ सिंह ने कहा कि पड़ोसी देश को जम्मू-कश्मीर के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का अधिकार किसने दिया है. उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस, एनसी और पीडीपी से पूछना चाहते हैं कि क्या वे पाकिस्तान के प्रतिनिधि के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं?”रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में लोग बहुत ही परेशान हैं और वे भारत में शामिल होना चाहते हैं.

 

उन्होंने कहा, “वे जम्मू-कश्मीर में बदलाव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की प्रगति देख रहे हैं. वे अपनी समृद्धि के लिए भारत में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं और वे अब उनके (पाकिस्तान) साथ नहीं रहना चाहते है. धर्म के आधार पर लोगों के बीच भेदभाव किया गया और पीओके निवासियों को “अपना” माना गया.

By admin

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