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दिल्ली में 27 सालों बाद बीजेपी सत्ता का स्वाद चख सकती है. रुझानों में पार्टी को बहुमत मिलता दिख रहा है. सुबह 10 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी 39 सीटों पर आगे है.

वहीं आम आदमी पार्टी (आप) 30 सीटों पर आगे है. कांग्रेस भी दो चुनावों के बाद खाता खोलने हुए दिख रही है. दिल्ली में सरकार बनाने के लिए 36 सीटों की जरूरत होती है.

यही रुझान बरकरार रहा तो 10 सालों के बाद दिल्ली की सत्ता से आप को हाथ धोना होगा. पिछले दो चुनावों में आप ने प्रचंड जीत हासिल की थी. 2015 आप को 67 और 2020 में 62 सीटें मिली थी. इस बार आप को 43 फीसदी वोट मिलता दिख रहा है.

इस बार के चुनाव में कांग्रेस का खाता खुलता दिख रहा है. एक सीट पर कांग्रेस लगातार आगे चल रही है. कांग्रेस को 6.82 फीसदी वोट मिलता दिख रहा है. 2020 में कांग्रेस 4.26 फीसदी वोट मिले थे. पिछले दो चुनावों में कांग्रेस खाता खोलने में नाकमयाब रही थी.

सबसे बंपर फायदा बीजेपी को हुआ है. पार्टी को 47.66 फीसदी वोट मिलता दिख रहा है.

रुझानों में आप के ज्यादातर दिग्गज पीछे चल रहे हैं. इनमें कालकाजी से आतिशी, पटपड़गंज से अवध ओझा, जंगपुरा से मनीष सिसोदिया पीछे चल रहे हैं. वहीं अरविंद केजरीवाल पिछड़ने के बाद आगे हो गए हैं.

रिजल्ट के बीच राज्यसभा के सांसद संजय सिंह अरविंद केजरीवाल के आवास पर पहुंचे हैं.

क्या बोली बीजेपी?

बीजेपी के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि रुझान जल्द ही नतीजे में तब्दील होंगे, दिल्ली की जनता से जो धोखा किया था उसका नतीजा है. जो भ्रष्टाचार किया था यह उसका फल है.

बीजेपी सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि एक ओर लोगों ने बीजेपी की अन्य राज्य सरकारों के कार्यों को देखा और दूसरी तरफ अरविंद केजरीवाल थे, जिन्होंने 10 साल तक झूठ बोलने के अलावा कुछ नहीं किया.

By admin

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