पिलखुवा। हापुड़ जिले के पिलखुवा क्षेत्र के अंतर्गत एक मोहल्ले में हृदय गति रुकने से एक 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी। अंतिम संस्कार करने के बाद जब मृतक का पुत्र गंगा में अस्थियां विसर्जित कर रहा था, इसी दौरान जल के प्रवाह में वह भी डूब गया।पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे लोग वहीं, मौके पर मौजूद गोताखोरों ने प्रयास कर उसे गंगा से बाहर निकला, लेकिन तब तक युवक की मौत हो गई थी। जैसे ही यह सूचना स्वजनों को मिली तो, परिवार में कोहराम मच गया। यही नहीं शहर में जिसे भी घटना की जानकारी हुई, वह भी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने उनके घर पहुंच गया। मोहल्ला रमपुरा के रहने वाले 55 वर्षीय बबली वैद दिल्ली की एमसीडी में कार्य करते थे। मंगलवार को हृदय गति रुकने से उनकी मृत्यु हो गई थी। बड़े ही गमगीन माहौल में परिवार ने उनका अंतिम संस्कार किया। पिता की अस्थियां विसर्जित करने गया था युवक इसके बाद गंगा में उनकी अस्थियां विसर्जित करने के लिए उनका 22 वर्षीय पुत्र बबली वैद गढ़मुक्तेश्वर गया था। अस्थियां विसर्जित करने के दौरान तेज जल प्रवाह होने के कारण वह पानी में डूबने लगा। जिसे देख मौके पर मौजूद लोग व अन्य स्वजन शोर मचाने लगे। शोर सुनकर दौड़े गोताखोर वहीं, शोर की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद युवक को गंगा से बाहर निकाला। इसके बाद उसे पास के ही निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां, चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।.इस घटना की जानकारी जैसे ही परिवार को मिली तो कोहराम मच गया। परिवार के लोग अभी बबली की मौत से उभरे नहीं थे कि अर्जुन की मौत ने परिवार को झंझोड़ कर रख दिया है। अर्जुन एक प्राइवेट कंपनी में कार्य करता था।
