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बंगाल में जूनियर डॉक्टरों और ममता सरकार के बीच तनातनी लगातार जारी है, अपनी मांगो को लेकर जूनियर डॉक्टर आमरण अनशन कर रहे है, जिससे सरकार की चिंताए और बढ़ गई है। अनशन कर रहे जूनियर डॉक्टरों को अब इंडिया मेडिकल एसोसिएशन का भी साथ मिल गया है।IMA ने जूनियर डॉक्टरों के समर्थन में ममता सरकार को बाकायदा एक पत्र लिखा है और आमरण अनशन पर बैठे जूनियर डॉक्टरों की मांगो को जयज बताते हुए उनपर विचार करने की बात कही है। ऐसे में अब टीएमसी सरकार हर तरफ से घिर चुकी है और लगातार इस मामले का पटाक्षेप करने की कोशिशे कर रही है।

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इधर, जूनियर डॉक्टरों की बात करें तो वह अपनी मांगो पर अड़े हुए है और टस से मस तक नहीं हो रहे है। जुड़ा का आक्रामक रुख देखकर यह माना जा रहा है, कि पिछले एक सप्ताह से जारी आमरण अनशन IMA का समर्थन मिलने के बाद और तेज़ हो सकता है। IMA ने अपने पत्र में लिखा है, कि लगभग एक सप्ताह से बंगाल के युवा डॉक्टर आमरण अनशन कर रहे है और IMA उनकी जायज मांगो के समर्थन में है। आपको इस और तत्काल ध्यान देना चाहिए। बंगाल की सरकार सभी मांगो को पूरा करने में सक्षम है, शांतिपूर्ण वातावरण और सुरक्षा कोई ऐशोआराम नहीं है बल्कि एक शर्त है।

 

IMA ने सीएम ममता बनर्जी से अपील करते हुए लिखा कि हम आपसे बड़े होने तथा सरकार की प्रमुख के तौर पर युवा पीढ़ी के डॉक्टरों के साथ मुद्दों को सुलझाने की अपील करते है। देश का पूरा चिकित्सा जगत इस बात को लेकर फिक्रमंद है और विश्वास करता है, कि आप उनकी सुरक्षा का ख्याल रखेंगी।

 

अब एक तरफ जूनियर डॉक्टरों का आमरण अनशन और दूसरी तरफ IMA का पत्र, इन दोनों से ममता सरकार की चिंताए बढ़ गई है। क्योंकि IMA की अपील को नज़रअंदाज़ करना कितना भारी पड़ सकता है, इस बात का अंदाज़ा सीएम ममता बनर्जी को है। अब ममता बनर्जी का अगला कदम क्या होगा, इसपर सबकी नजर टिकी हुई है।

 

 

By admin

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