ढाका। बांग्लादेश में हिंसक झड़पों को देखते हुए कर्फ्यू लगाने और सेना की तैनाती के अपने फैसले का प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बचाव किया है। उन्होंने कहा कि लोगों के जीवन और संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए गए।हसीना की टिप्पणी बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट द्वारा सरकारी नौकरियों में अधिकांश कोटा खत्म करने के एक दिन बाद आई है।हिंसक प्रदर्शन में 100 से अधिक लोगों की मौत बांग्लादेश में विवादास्पद नौकरी कोटा प्रणाली को समाप्त करने की मांग को लेकर छात्रों ने देश भर में विरोध प्रदर्शन किया था, जो बाद में हिंसक हो गई। इसमें सौ से अधिक लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग घायल हुए हैं। शेख हसीना ने हिंसा के लिए मुख्य विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और जमात-ए-इस्लामी और उनकी छात्र शाखाओं को जिम्मेदार ठहराया है।राष्ट्रपति ने इस मामले में थपथपाई सरकार की पीठ राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने सेना की तैनाती का समय रहते निर्णय लेने के लिए सरकार को धन्यवाद दिया है। राजधानी समेत 57 जिलों में 27,000 सैन्यकर्मियों को तैनात किया गया है। इस बीच, मलेशिया ने बांग्लादेश के हालात को देखते हुए मंगलवार को वहां से अपने 123 नागरिकों को सुरक्षित निकाला है।
