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आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में प्रदर्शन के दौरान एक भीड़ के हमला और तोड़-फोड़ करने के मामले में तीन पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया है. हिंसा के बाद ये कार्रवाई, जिन तीन पुलिसवालों पर की गई है, उनमें से दो असिस्टेंट कमिश्नर रैंक के अधिकारी हैं, जबकि एक इंस्पेक्टर है.इन तीनों को 14 और 15 अगस्त की दरमियानी रात को मौके पर हंगामा नहीं रोक पाने को लेकर निलंबित किया गया है. इन सीनियर पुलिस अधिकारियों को मौके पर हंगामा और हुड़दंग को रोकने के लिए सही कदम नहीं उठाने का जिम्मदार ठहराया गया है. कोलकाता पुलिस ने इन तीनों पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं. रीक्लेम द नाइट के दौरान क्या हुआ था? कोलकाता रेप और मर्डर मामले में इंसाफ की मांग को लेकर 14 और 15 अगस्त की रात को डॉक्टरों ने आरजी कर मेडिल कॉलेज और अस्पताल के बाहर ‘रीक्लेम द नाइट’ के नाम से विरोध प्रदर्शन बुलाया था. काफी देर तक रात में विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चलता रहा. इसके बाद देखा गया कि वहां हज़ारों की भीड़ आई और प्रदर्शन के नाम पर अस्पताल के बाहर प्रोटेस्ट के लिए बनाए गए मंच को तोड़ फोड़ दिया. उपद्रवी यही नहीं रुके. उन्होंने अस्पताल के अंदर भी जमकर बवाल मचाया और तोड़-फोड़ की. भीड़ ने प्रदर्शन स्थल पर मौजूद पुलिसवालों के साथ भी धक्का मुक्की की. आधी रात को इस घटना से बवाल मच गया था. टीएमसी सांसद और सीएम ममता बनर्जी के भतीजे ने पुलिस कमिश्नर से बात कर कड़ी कार्रवाई करने को कहा. कोलकाता के पुलिस कमिश्नर रात में ही घटनास्थल पर भी पहुंचे थे. बाद में उपद्रवियों को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए. इस घटना के बाद खूब राजनीति भी हुई थी और विपक्ष ने ममता सरकार को खूब घेरा था. हिंसा की इस घटना के बाद पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार भी किया था.

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