लैंड फॉर जॉब’ या नौकरी के बदले जमीन मामले में फंसे लालू यादव की ईडी जांच कर रही है. उनका पूरा परिवार जांच के दायरे में है. लेकिन बीजेपी के एक मुख्यमंत्री ऐसी ही जांच के घेरे में आ गए हैं.
विपक्ष उन पर नौकरी के बदले पैसे लेने के आरोप लगा रहा है. खास बात, जो ईडी लालू यादव के मामले की जांच कर रही है, वही ईडी अब इस मुख्यमंत्री पर लग रहे आरोपों की भी जांच अपने हाथ में ले चुकी है. हालांकि, अब तक जांच कर रही पुलिस ने साफ किया है कि इस घोटाले में कोई राजनीतिक कनेक्शन नहीं है.
मामला गोवा का है. गोवा में नौकरी के बदले पैसे लेने के आरोप लगे. दावा किया गया कि 2014-15 से लोगों को सरकारी नौकरियों का लालच देकर ठगा गया. पहला मामला इसी साल अक्तूबर में मर्दोल पुलिस स्टेशन में दर्ज कराया गया. इसके बाद 33 एफआईआर दर्ज की गईं. ज्यादातर में महिलाओं को आरोपी बनाया गया. पुलिस के मुताबिक, यह घोटाला राज्य के आधे तालुकाओं में फैला हुआ है. इस वजह से रोज एक न एक शिकायतें आ रही थीं. पुलिस के मुताबिक, 300 से ज्यादा लोगों से करोड़ों की ठगी की गई. उन्हें लोक निर्माण, जल संसाधन, शिक्षा, परिवहन, राजस्व, पुलिस और स्वास्थ्य सहित विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का वादा किया गया और लाखों रुपये लिए गए.
क्यों लग रहे आरोप
सबसे पहले ओल्ड गोवा की पूजा नाइक पर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर गोवा में कई लोगों से करोड़ों रुपये ठगने का आरोप लगा. इसके बाद दीपाश्री गवास उर्फ दीपाश्री प्रशांत महतो, प्रिया यादव, सुनीता शशिकांत पावस्कर, श्रुति प्रभुगांवकर और उमा पाटिल के खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए. अब तक इस मामले में पुलिस ने 44 लोगों की गिरफ्तारी की है. इनमें से कई ऐसे हैं, जिनके संबंध सीनियर पुलिस ऑफिसर्स, टीचर्स से लेकर नेताओं तक से हैं. जांच में ये भी पता चला कि पीड़ित या तो आरोपियों के परिचित थे या उनके रिश्तेदार थे जो अपने परिजनों के लिए स्थायी सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे थे. कई लोगों ने जमीनें और गहने बेचकर पैसे जुटाए थे.
विपक्ष परिवार पर उठा रहा सवाल
अब इस जांच में ईडी की एंट्री हो गई है. ईडी ने पूरे मामले को टेकओवर कर लिया है. पिछले कुछ दिनों से ये मामला गोवा के राजनीतिक गलियारे में चर्चा के केंद्र में है. गोवा की विपक्षी पार्टी इसमें मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और उनके परिवार के शामिल होने का आरोप लगा रही है. गोवा में स्थानीय पार्टियों के साथ साथ कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप) और गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने इसकी न्यायिक जांच कराने या विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने की मांग की है. हालांकि, पुलिस ने इस घोटाले में किसी राजनीतिक कनेक्शन से इनकार किया है. उधर, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने राजनेताओं और सरकारी कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर कोई भी नौकरी घोटाले में शामिल पाया गया तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी.
