डॉ सचिन श्री
वैदिक पंचांग के अनुसार आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को योगिनी एकादशी (Yogini Ekadashi 2025) के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस व्रत को करने से साधक को सभी पापों से छुटकारा मिलता है। साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। आइए जानते हैं योगिनी एकादशी से जुड़ी बातें…
भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए एकादशी तिथि को शुभ माना जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह में योगिनी एकादशी मनाई जाती है। इस दिन श्रीहरि और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही व्रत किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से साधक को जीवन में सभी सुख मिलते हैं। साथ ही भगवान विष्णु की कृपा से रुके हुए काम पूरे होते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि योगिनी एकादशी और पारण समय के बारे में….
वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 21 जून को सुबह 07 बजकर 18 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 22 जून को सुबह 04 बजकर 27 मिनट पर होगा। ऐसे में 22 sunday जून को योगिनी एकादशी व्रत किया जाएगा।
योगिनी एकादशी 2025 व्रत पारण टाइम (Yogini Ekadashi 2025 Vrat Paran Time)
एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि पर करना चाहिए। व्रत पारण करने का समय दोपहर 01 बजकर 47 मिनट से 04 बजकर 35 मिनट तक है।
ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04 बजकर 04 मिनट से 04 बजकर 44 मिनट तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 43 मिनट से 03 बजकर 39 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त – शाम 07 बजकर 21 मिनट से 07 बजकर 41 मिनट तक
निशिता मुहूर्त – रात 12 बजे से 03 जून को रात 12 बजकर 43 मिनट तक
योगिनी एकादशी 2025 दान (Yogini Ekadashi 2025 Daan List)
एकादशी तिथि पर दान करने का विशेष महत्व है, तो ऐसे में योगिनी एकादशी के दिन पूजा करें और मंदिर या गरीब लोगों में अन्न, धन और कपड़े आदि चीजों का दान करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन चीजों का दान करने से साधक को धन की प्राप्ति होती है। साथ ही मां लक्ष्मी की प्रसन्न होती हैं।
ऐसे करें मां तुलसी को प्रसन्न
एकादशी के दिन मां तुलसी की पूजा-अर्चना करने का विधान है, तो ऐसे इस तिथि पर तुलसी के पास दीपक जलाकर आरती करें। ऐसा माना जाता है कि मां तुलसी की पूजा करने से धन से जुड़ी समस्या दूर होती है। साथ ही जीवन में सभी संकट दूर होते हैं।
