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सॉफ्टवेयर इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या के मामले ने हर किसी को हैरान कर दिया है. अतुल को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले अभी भी फरार हैं. बेंगलुरु पुलिस अतुल की ससुराल यानि जौनपुर पहुंच चुकी है.

आज आरोपी निकिता सिंघानिया और उसके परिवार को हिरासत में लिया जाएगा. इस बीच अतुल सुसाइड से पहले लिखा वो पन्ना मिला है जिसमें उन्होंने 33 टास्क का जिक्र किया है.

अतुल ने एक महीने पहले से ही सुसाइड की तैयारी कर ली थी. इसके लिए उन्होंने एक तीन कॉलम वाली चेकलिस्ट बनाई थी. यह चेकलिस्ट उनके हर एक काम की थी. कमरे की दीवार पर अतुल ने यह चेकलिस्ट लगाई थी. चेकलिस्ट के बगल में एक और कागज चिपका था जिस पर लिखा था- इंसाफ मिलना चाहिए. इस चेकलिस्ट के तीन हिस्से थे- जिंदगी के आखिरी दिन से पहले, मौत का दिन और मुक्ति से पहले के काम.

कुल 33 टास्क अतुल ने इसमें लिखे थे. अपने ऑफिस के लैपटॉप को वापस करना, बैंक अकाउंट बंद करना, सभी करीबी लोगों और ऑफिस वालों को ईमेल भेजना आदि. इसके अलावा मुक्ति से पहले अतुल ने 6 काम अंतिम दिन के लिए रखे थे. 33 में से 32 पर अतुल ने Done लिखा. लेकिन 33वें टास्क पर उन्होंने कोई Done का निशान नहीं लगाया.

मुक्ति से पहले के काम-

  • सबसे पहला काम 24 पन्नों के सुसाइड नोट को टेबल पर रखना, ताकि लोगों को वो आसानी से दिख जाए.
  • दूसरा काम था कमरे, बाइक और कार की चाबी को फ्रिज के ऊपर रखना.
  • तीसरा काम था भगवान शिव का 108 बार नाम जपना.
  • चौथा काम था कमरे की सारी खिड़कियां खोलना और कमरे का दरवाजा बंद करना
  • पांचवां काम था सुसाइड से पहले नहाना. अतुल ने इसे भी पूरा किया.

छठवां टास्क था सुसाइड कर लेना. अतुल बस इसी टास्क के आगे Done नहीं लिख सके. क्योंकि काम पूरा होने के बाद ही वो उस पर Done लिख सकते थे. और ये तो साफ-सीधा है कि कोई भी मृत शख्स कैसे Done लिख सकता है.

‘…तो अस्थियों को गटर में बहा देना’

अतुल के भाई की तहरीर पर बेंगलुरु पुलिस ने पत्नी निकिता, सास निशा, साला अनुराग और चाचा ससुर सुशील सिंघानिया के खिलाफ केस दर्ज करवाया है. सुसाइड से पहले अतुल वीडियो, और 24 पन्नों के नोट के जरिए अपनी कहानी बयां कर गए थे. उन्होंने ये भी कहा कि अगर मुझे इंसान नहीं मिला तो मेरी अस्थियों को गटर में बहा देना.

By admin

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