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क्रेन को हराने के लिए रूसी सेना करीब तीन साल से पड़ोसी देश में युद्ध कर रही है। लाखों की मौत और अरबों कीमत के हथियार गंवाने के बावजूद रूस को यूक्रेन में जीत नसीब नहीं हो पाई है।

एक तरफ यूक्रेन को अमेरिका और पश्चिम देशों की मदद मिल रही है तो रूस को अब कुछ महीनों से उत्तर कोरिया का साथ मिला है। उत्तर कोरियाई सैनिक भी यूक्रेन में रूसियों का साथ दे रहे हैं। यूक्रेनियों को मारने के लिए तानाशाह किम जोंग उन ने अपनी सेना को यूक्रेन में उतारा है। हालांकि मामला उल्टा ही पड़ गया है। यूक्रेन खुफिया विभाग की रिपोर्ट है कि उत्तर कोरिया के सैनिक यूक्रेनियों के बजाय रूसियों को ही मौत के घाट उतार रही है। इसकी चौंकाने वाली वजह भी सामने आई है।

टेलीग्राम ने यूक्रेन के खुफिया विभाग HAU के हवाले से रिपोर्ट किया है कि उत्तर कोरिया के सैनिक गलती से रूसी सैनिकों को मार रहे हैं। रंग और भाषा को लेकर गलतफहमियों के कारण कोरियाई सैनिक रूसी सैनिकों को यूक्रेनी समझकर मार रहे हैं। ताजा मामला कुर्स्क क्षेत्र में सामने आया है, जहां मॉस्को की सेना इलाके पर फिर से कब्जा करने की कोशिश कर रही है। यहां कोरियाई सैनिकों ने 8 रूसी सैनिकों को मार डाला। इन रिपोर्ट्स पर रूसी सेना की ओर से कोई बयान नहीं आया है। अगर ये घटनाएं वाकई सच्ची हैं तो ये रूसी सेना के लिए चिंता की बात हैं।

रूसियों को क्यों नहीं पहचान पा रहे कोरियाई सैनिक

दरअसल, रूस और उत्तर कोरिया के सैनिकों में एक-दूसरे को पहचानने के लिए कुछ कोड और इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस हैं, जिनकी मदद से कोरियाई सैनिकों को रूसी सैनिकों को पहचानना आसान होता। लेकिन, कोरियाई सैनिकों के लिए तकनीकी मदद लेना मुश्किल हो रहा है।

बता दें कि उत्तर कोरिया ऐसा देश है, जहां लोगों के लिए इंटरनेट नई और कौतूहल चीज है। हाल ही में एक रिपोर्ट भी सामने आई थी कि रूस में इंटरनेट के असीमित उपयोग की लत से कोरियाई सैनिकों को पोर्न की लत लग गई है। कोरियाई देश में इंटरनेट और उनकी सामग्रियों पर सख्ती है।

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