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शेख हसीना के पतन के बाद बांग्लादेश एक कट्टर इस्लामी राष्ट्र की ओर बढ़ रहा है. भले ही मोहम्मद यूनुस ने कमेटी का गठन कर जल्द ही देश में संवैधानिक तरीके से चुनाव कराने की बात कही हो, लेकिन देश के कुछ संगठन लगातार बांग्लादेश में इस्लामी कानून की मांग कर रहे हैं.वॉइस ऑफ बांग्लादेशी हिंदू’ नामक एक पेज ने एक्स पर जमात-ए इस्लामी के सदस्यों की एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘जमात-ए-इस्लामी के सदस्य हिंदू घरों के सामने बयान दे रहे हैं. बांग्लादेशी अधिकारी हिंदू आवाजों को दबाने के लिए उन्हें बढ़ावा दे रहे हैं.

पोस्ट के आखिर में #AllEyesOnBangladeshiHindus लिखा गया है.

वीडियो में कुरान का देश बनाने का आह्वान

वीडियो में जमात-ए इस्लामी के सदस्य एक मोहल्ले में माइक पर कहते दिखाई दे रहे हैं, ‘हम जमात-ए इस्लामी की ओर से सभी के दरवाजे पर उन्हें जानकारी देने आए हैं, सृष्टि के नियम का पालन होगा चूंकि हम सभी मुस्लिम परिवार हैं इसीलिए मुसलमान होने के नाते हम इस देश के कई लोगों (अल्पसंख्यक) का सम्मान करते हैं. कोई हमें शांति नहीं दे सका. भविष्य की शांति का मुख्य संदेश पवित्र कुरान है, हम इस कुरान के कानून को देश में हर जगह लागू करना चाहते हैं.’

1941 से लंबित कुरान का कानून

वीडियों में जमात-ए इस्लामी के सदस्य बोल रहे हैं कि यह कानून 1941 से आज तक लंबित है. आइए हम सभी आने वाले दिनों में कुरान का साम्राज्य स्थापित करने के लिए आगे आएं. अगर हम, पुरुष या महिलाएं, एक साथ आएं और बात करें, तो बांग्लादेश के लोग भविष्य में कुरान के लोग होंगे.

‘बांग्लादेश कुरान का देश है’

उन्होंने आगे कहा कि बांग्लादेश कुरान का देश है, बांग्लादेश का संविधान अल कुरान होगा, यह देश दुनिया के किसी भी देश के आदर्शों के साथ नहीं चल सकता. आइए हम सब जमात-ए-इस्लामी के साथ एकजुट होकर आगे आएं. कुरान पर विजय पाने के लिए मैं कुरान पढ़ूंगा और कुरान को समझूंगा, मैं आने वाले दिनों में इस कुरान सोसायटी की स्थापना करूंगा.

By admin

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