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Dr. Sachin Shree

(Gold Medal Awardee)

(Editor in chief- www.AapkiTv.in)

अनुकूल मौसम संबंधी परिस्थितियों के कारण वायु प्रदूषण के स्तर में गिरावट के बीच दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता पर केंद्र के आयोग ने रविवार को क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना (जीआरएपी) के तहत स्टेज-3 प्रतिबंधों को हटा दिया.

एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गयी. पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिल्ली और इसके आस-पास हल्की वर्षा हुई. पश्चिमी विक्षोभ भूमध्य सागरीय क्षेत्र में उत्पन्न होने वाली मौसमी प्रणाली है, जो उत्तर-पश्चिम भारत में सर्दियों में वर्षा और बर्फबारी लाती है.

इससे शहर की वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ. राष्ट्रीय राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) रविवार को शाम चार बजे 278 रहा, जो चरण-3 प्रतिबंधों के कार्यान्वयन के लिए 350 अंक की सीमा से 72 अंक कम था, जिसमें गैर-जरूरी निर्माण कार्य पर प्रतिबंध भी शामिल है. एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ के 14-15 जनवरी के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है.

बृहस्पतिवार को पुन: लागू किये गये जीआरएपी चरण-3 में गैर-जरूरी निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगाया गया था. चरण-3 के तहत पांचवीं तक की कक्षाओं को ‘हाइब्रिड मोड’ (ऑनलाइन और भौतिक रूप में) में संचालित करना जरूरी है. माता-पिता और छात्रों के पास जहां भी उपलब्ध हो, ऑनलाइन शिक्षा चुनने का विकल्प है.

चरण-3 के तहत, दिल्ली और आस-पास के एनसीआर जिलों में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल कारों (चार पहिया वाहनों) का उपयोग प्रतिबंधित है. दिव्यांग व्यक्तियों को इससे छूट दी गई है. सर्दियों के दौरान, दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में जीआरएपी के तहत प्रतिबंध लागू होते हैं, जो वायु गुणवत्ता को चार चरणों में वर्गीकृत करता है – सर्दियों के दौरान, दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में जीआरएपी के तहत प्रतिबंध लागू होते हैं, जो वायु गुणवत्ता को चार चरणों में वर्गीकृत करता है – चरण-1 (खराब, एक्यूआई 201-300), चरण-2 (बहुत खराब, एक्यूआई 301-400), चरण-3 (गंभीर, एक्यूआई 401-450), और चरण-4 (अति गंभीर, एक्यूआई 450 से ऊपर).

Dr. Sachin Shree

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